सीहोर (राकेश समाधिया)। शासन के निर्देशानुसार जिले में 15 मार्च से 05 मई तक गेंहू उपार्जन का कार्य किया जा रहा है। उपार्जन के लिए जिले में उपार्जन केंद्र भी निर्धारित किए गए हैं।
कलेक्टर बालागुरू के. द्वारा श्यामपुर के छतरपुरा स्थित रामानुज वेयरहाउस संचालक भावना गौर पति सुरेंद्र गौर एवं श्यामपुर के चरनाल स्थित बद्रीनाथ वेयरहाउस के गोदाम संचालक सीया बाई पति नर्मदा प्रसाद को केंद्र में अनियमितताएं पाए जाने पर कारण बताओं नोटिस जारी किया गया है।
उल्लेखनीय है कि कलेक्टर बालागुरू के. के निर्देश पर कृषि कल्याण विभाग के उप संचालक ने इन उपार्जन केंद्रों का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि आगामी दिवसों में जिन किसानों के स्लॉट बुक हैं उन किसानों से निर्धारित दिवस से पहले ही खरीदी कर गेहूं गोदाम में भंडारित करा लिया गया है। जो कि उपार्जन नीति का उल्लंघन है।
कलेक्टर बालागुरू के. ने संबंधित वेयरहाउस संचालकों को इस संबंध में उपस्थित होकर अपना लिखित स्पष्टीकरण 02 दिवस के भीतर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। स्पष्टीकरण प्रस्तुत न करने की स्थिति में संबंधितों के विरूद्ध एक पक्षीय कार्यवाही की जायेगी। इसके साथ ही आगामी आदेश तक इन वेयरहाउस की स्लॉट बुकिंग क्षमता शून्य की गई है।
शाखा प्रबंधक को भी कारण बताओ नोटिस जारी
श्यामपुर के उपार्जन केंद्रों में अनियमितताएं पाए जाने, भौतिक सत्यापन के लिए चाही गई जानकारी प्रस्तुत नही करने, वरिष्ठ अधिकारियों के आदेश की अवहेलना करने एवं उपार्जन कार्य में लापरवाही बरतने पर कलेक्टर श्री बालागुरू के. ने श्यामपुर एमपीडब्ल्यूएलसी के शाखा प्रबंधक श्री प्रेमनारायण केसरिया को भी कारण बताओं नोटिस जारी किया है। श्री प्रेमनारायण केसरिया को 02 दिनों में अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। स्पष्टीकरण प्रस्तुत ने करने की स्थिति में उनके विरूद्ध सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम के अंतर्गत कार्यवाही की जाएगी।
इन्हें थमाया नोटिस: कलेक्टर बालागुरू के ने बद्रीनाथ वेयरहाउस एवं रामानुज वेयरहाउस उपार्जन केंद्रों पर छन्ना, बड़े पखे, ग्रेडिंग मशीन उपलब्ध नही होने, निर्धारित दिवस से पहले गेंहू की खरीदी करने, गेहूं उपार्जन नीति का उल्लंघन करने पर सेवा सहकारी समिति चरनाल श्यामपुर के प्रबंधक को कारण बताओ नोटिस जारी किया है तथा 02 दिवसों में अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही जिन किसानों के बिल बनना शेष है उन किसानों के बिल समय-सीमा में बनाने के निर्देश दिए गए है।